मंगलवार, 20 जनवरी 2009

आसमा से उपर....एक उड़ान की ख़्वाहिश है..!!
जहाँ हो हर क़दम सितारो पर....उस ज़मीन की ख़्वाहिश है..!!
जहाँ पहचान हो लहू की हर एक बूँद की....उस नाम की ख़्वाहिश है..!!
जहाँ खुदा भी आके मुझसे पूछे....."बता, क्या लिखू तेरे मुक्क़दर मे....?
"उस मुकाम की ख़्वाहिश है..!!उस मुकाम की ख़्वाहिश है..!!

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